घूमना फिरना और यात्रा करना सभी को पसंद होता है। कुछ लोग नए नए स्थान और चीजें देखने के लिए यात्रा करते है तो कुछ लोग अपने बिज़नेस या नौकरी की वजह से भी यात्रा करते है। हर व्यक्ति के अपने अलग अलग रीजन होते है।

यात्रा करने के बाद कुछ लोग बहुत ज्यादा थकान का अनुभव करते है तो कुछ लोगो के हाथ पैरों में दर्द होने लगता है। कुछ लोग तो इतने थक जाते है कि एक दो दिन के आराम के बाद ही नार्मल हो पाते है।

यदि आप बिना किसी तनाव के यात्रा का आनंद लेना चाहते और दर्द व् थकान को दूर करना चाहते है तो योग का सहारा ले सकते है। साथ ही साथ शरीर में ऊर्जा का संचार हो जाता है और आप स्फूर्तिवान बने रहते है।

यात्रा के दौरान होने वाली थकान और दर्द को दूर करने के लिए कई प्रकार के योग होते है। जिनके बारे में आज हम आपको बताने वाले है। जानते है Yoga for Traveler.

Yoga for Traveler: जानिए यात्रा के दौरान किन आसनो से करे कष्टों को दूर

Yoga for Traveler in Hindi

उत्कटासन

  • इस आसन के अभ्यास से एड़ी, जांघो, पैर व् घुटनो की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। जो यात्रा के दौरान होने वाले पैरों के दर्द को ठीक करने में सहायक होती है।
  • उत्कटासन को करने से शरीर संतुलित रहता है। साथ ही शरीर की पूरी थकान उतर जाती है और मन शांत हो जाता है।
  • इस आसन को कुर्सी आसन भी कहा जाता है।
  • यह वजन को कम करने का भी कार्य करता है।

अर्ध चंद्रासन

  • पैरो की मजबूती और दिमाग को शांत रखने के लिए इस आसन का अभ्यास करना अच्छा होता है।
  • यात्रा के दौरान पैर सुन्न हो गए है तो इस आसन को किया जा सकता है।
  • अर्ध चंद्रासन को करने से शरीर संतुलित रहता है। साथ ही शरीर को ऊर्जा भी मिलती है।

वृक्षासन

  • वृक्षासन को करने पर वृक्ष की आकृति निर्मित होती है।
  • मानसिक संतुलन में वृद्धि करने के लिए यह आसन बहुत ही उत्तम होता है।
  • यह एडि़यों के दर्द को दूर करने में सहायक होता है। साथ ही रीढ़ की हड्डी को भी मजबूत बनाता है।
  • यह आसन पैरों को मजबूती प्रदान करता है और घुटने के दर्द से भी निजात दिलाता है इसलिए इसका नियमित अभ्यास कर सकते है।

पार्श्वकोणासन

  • पार्श्वकोणासन को खड़े होकर किया जाता है।
  • इस आसन को करने से कमर की चर्बी दूर हो जाती है। यह पाचन के लिए भी उपयोगी होता है।
  • घुटने और टखने को मजबूत बनाता है।
  • यदि कोई गठिया रोग से पीड़ित है तो उसे इस आसन का अभ्यास करना चाहिए। इसके अभ्यास से यात्रा के समय होने वाले जोड़ों के दर्द से आपको राहत मिलेगी।

शीर्षासन

  • शीर्षासन को करने से सम्पूर्ण शरीर को आराम मिलता है।
  • सिर दर्द और माइग्रेन जैसी समस्या के लिए भी यह आसन उत्तम होता है।
  • यह आसन हाँथ, पैरो और रीढ़ की हड्डी को मजबूती प्रदान करता है।
  • तनाव को दूर करता है साथ ही इसे करने से पाचन क्रिया अच्छी रहती है।
ऊपर दिए गए आसनो की मदद से आप यात्रा के दौरान हुए दर्द, थकान और तनाव को दूर कर सकते है। इनके अतिरिक्त वीरभद्रासन, अर्धचक्रासन, उत्तानासन, उत्थित हस्त पादंगुष्ठासन, अधोमुख श्वान आसन आदि का अभ्यास कर आप तनाव मुक्त यात्रा का आनंद ले सकते है।