आवाज को मधुर बनाने में भी मददगार है योग का अभ्यास

एक अच्छी आवाज सबको अपनी और आकर्षित कर लेती है| यदि आपकी आवाज अच्छी है तो इससे आपकी पर्सनालिटी निखर आती है| अच्छी आवाज के साथ आप हर किसी को इम्प्रेस कर सकते है| क्योकि अच्छी आवाज सुनना सबको अच्छा लगता है|

यदि आपका चेहरा बहुत खुबसूरत है किन्तु आपकी आवाज अच्छी नहीं है तो इससे आपका अच्छा लुक भी फीका पढ़ जाता है| वही अच्छी आवाज आपको कॉंफिडेंट दिखाती है जिससे सुन्दरता बढ़ जाती है|

यदि आप बहुत ही सहजता से बात करते है और तो और आपकी आवाज भी मीठी हो तो, आपको लोग बहुत पसंद करते है| इससे आपके कई काम आसानी से भी बन जाते है|

बहुत से लोगो की आवाज फटी हुई होती है जिसके कारण वे लोग बहुत परेशान रहते है और सोचते है की जिंदगी भर उन्हें ऐसी ही आवाज के साथ उन्हें रहना होगा| लेकिन ऐसा नही है योग की मदद से भी आप अच्छी आवाज पा सकते है| आइये जानते है Yoga for Voice Improvement.

Yoga for Voice Improvement – आवाज ठीक करने के लिए योग

Yoga for Voice Improvement
योग में आवाज तकनीक के लिए गले और श्वास पर ध्यान केन्द्रित करते है| योगासन की बात करे तो यह आपके गले के चक्र को खोलता है और प्राणायाम के अभ्यास से आपके वोकल कार्ड्स ठीक होते है| हम आपको बता दे की योग में पांचवा चक्र गले में मौजूद है| यह थ्रोट चक्र आपके थायराइड, जबड़े, गर्दन, जीभ, होंठ, मुंह, गले और छाती के क्षेत्र को नियंत्रित करता है।

इन अंगों या इनकी ग्रंथियों में सुधार करने के लिए योग या उज्जयी प्राणायाम के लाभों पर जोर दिया जाता है| इसके अतिरिक्त अनुलोम विलोम, कपालभाती, शितकरी और शीतली प्राणायाम का अभ्यास भी आप कर सकते है|

सिम्हासन

यह आसन उच्चारण, सुर-साधना-यंत्रों व मध्य पेट को अभ्यास कराता है| इसलिए गायकों के लिए यह आसन का अभ्यास बहुत अच्छा है। जो लोग बोलने में बाधा अनुभव करते है उन्हें इस आसन का अभ्यास करने की सलाह दी जाती है और यह नाक, कान, गले और मुख की समस्याओं वाले लोगों के लिए भी लाभदायक है। यह उच्चारण ग्रंथियों को मजबूत करके स्वर उच्चारण सुधारता है|

सिम्हासन की विधि:

  1. सिम्हासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठें।
  2. इसमें आपको अपने घुटने के बिच कुछ दूरी रखना है साथ ही पंजे नीचे की और मुड़े हुए होना चाहिए|
  3. अपने हाथों को घुटनों पर रखें और बाजुओं को बिलकुल सीधा करें।
  4. अब गहरी श्वास लेते हुए कंधों को थोड़ा-सा ऊपर उठायें।
  5. अब अपने मुख से रेचक करते हुए हाथों को घुटनों पर मजबूती देकर दबाएं|
  6. हाथो की अंगुलियों को चौड़ी करके फैला लें और आँखों को चौड़ी करके ऊपर की और देखें।
  7. जीभ को बाहर निकाल कर फैलाएं तथा ‘शेर की दहाड़’ की तरह आवाज निकाले|
  8. अर्थात आ हाऽऽऽ की आवाज खुलकर करें। लेकिन एक बात का ख्याल रखे कि ‘आ हाऽऽऽ’ की आवाज आपको गले से नहीं बल्कि पेट से निकालना है|
  9. इसे आपको कम से कम 10 बार करना है|

मत्स्यासन

इस आसन में शरीर का आकार मछली जैसा बनता है इसलिए इसे मत्स्यासन कहा जाता है| यह आसन छाती को चौड़ा कर उसे स्वस्थ बनाए रखने में सक्षम है| इसे करने से गला साफ रहता है, खाँसी दूर होती है। यह विशुद्धि चक्र को उत्तेजित और संतुलित करता है| यह गुर्दे के कार्यो को करके थायरॉयड ग्रंथि को सक्रिय करता है|

Matsyasana (Fish Pose) Steps: मत्स्यासन की विधि

ओम का जाप

अपमे दैनिक जीवन में बिना गैप किये नियमित 10 मिनट के लिए ओम मंत्र का जप करे| आवाज और कम्पन में थोडा सा बदलाव करे, यह ना केवल आपकी आवाज में सुधार करने में मदद करेगा बल्कि आपकी बोलने की क्षमता में भी इजाफा करेगा| यह प्रभावी Vocal Exercises में से एक है|

नौकासन

नौकासन का अभ्यास आपके पेट और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है|  इसकी मदद से आको स्लिम फिगर पाने में भी मदद मिलती है| यह मणिपुर चक्र को उत्तेजित करता है साथ ही भाषण और अभिव्यक्ति की समस्याओं के साथ मदद करता है।

Naukasana (Boat Pose) Steps: नौकासन की विधि

उज्जायी प्राणायाम

उज्जायी प्राणायाम करते समय समुद्र के समान ध्वनि आती है| इसलिए इसे Ocean Breath भी कहा जाता है| इसे करने पर थॉयराइड, श्वास नलिका, , स्वर तंत्र आदि संतुलित रहती है| यह जल तत्व पर नियंत्रण लाती है।

भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम तनाव को दूर करने में मदद करता है| इससे दिमाग को शांति और सुकून मिलता है| यह प्राणायाम को करने से गले से सम्बंधित कई बीमारिया दूर होती है| इसका अभ्यास करके आप सुरीली आवाज भी पा सकते है|

Bhramari Pranayama (Bee Breath) Steps: भ्रामरी प्राणायाम की विधि

ऊपर आपने जाना Yoga for Voice Improvement. आवाज भगवान द्वारा दिया गया सबसे अनमोल तोहफा है| आप ऊपर दिए गए योगासनों के अभ्यास से अपनी आवाज को खुबसूरत बना सकते है|

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