Yoga Poses for Cold Relief: योग द्वारा करे सर्दी जुकाम को दूर

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Yoga Poses for Cold Relief: योग द्वारा करे सर्दी जुकाम को दूर

सर्दी जुकाम एक आम समस्या है जिससे हर व्यक्ति परेशान रहते है। सर्दियों के मौसम में इसकी समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। ज्यादातर इसका होने का मुख्य कारण प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर होना होता है।

इसलिए सर्दी जुकाम से बच्चे ज्यादा पीड़ित होते है। कुछ लोगो को दवाईयां लेने के बाद भी सर्दी जुकाम बना रहता है और कुछ लोग इसके लिए घरेलू उपचार भी अपनाते है।

परन्तु इसका कोई भी स्थायी इलाज नही होता है, जिस कारण लोग बार बार सर्दी से ग्रसित हो जाते है। कुछ लोगो को इसकी समस्या प्रतिमाह ही बनी रहती है।

योग के द्वारा आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। योग आपके शरीर कि प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है। जिससे आपका शरीर रोगों से लड़ने में सक्षम हो जाता है और सर्दी जुकाम जैसी समस्या नही होती है। जानते है Yoga Poses for Cold Relief कौन कौन से है।

Yoga Poses for Cold Relief in Hindi: सर्दी जुकाम के लिए योग

Yoga Poses for Cold Relief-

कपालभाति प्राणायाम

  • कपालभाती प्राणायाम सर्दी-जुकाम और कफ कि समस्या को दूर करने के लिए एक अच्छा विकल्प माना जाता है।
  • यह प्राणायाम शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
  • कपालभाती प्राणायाम के द्वारा साँस को दोनों नथुनों से जोर जोर से छोड़ते है।
  • ऐसा करने से श्वसन नलिका में उपस्थित अवरोध खुल जाते है। जिसके कारण सांसों का आवागमन सरल हो जाता है।
  • इस प्राणायाम के 2 -3 चक्रों का अभ्यास दिन में दो बार करने से सर्दी में आराम मिलता है।

अनुलोम-विलोम

  • अनुलोम-विलोम करने से बंद नाक खुल जाती है।
  • यह प्राणायाम मन को शांत करने में भी बहुत लाभदायक होता है।
  • इस प्राणायाम में नथुनों को क्रमश: बदल कर साँस को लिया जाता है। जिससे सर्दी से अवरुद्ध नासिका द्वार खुल जाते है।
  • अनुलोम-विलोम करने से फेफड़ों को अधिक मात्रा में ऑक्सीजन कि प्राप्ति होती है।
  • सर्दी से मुक्ति पाने के लिए इसके 7-8 चक्र का दिन में 2-3 बार अभ्यास करे।

दीर्घ श्वसन

  • दीर्घ श्वसन करने से पुरे शरीर को ऑक्सीजन मिलती है।
  • साथ ही इसे नियमित रूप से करने पर सर्दी – जुकाम से राहत मिलती है।
  • इस प्राणायाम को करने से अवरुद्ध नाक को खोलने में सहायता होती है।
  • इस क्रिया में धीरे धीरे नाक के माध्यम से गहराई से साँस लेनी होती है।
  • और साँस को पहले छाती में, फिर पसलियों में और फिर पेट में महसूस करना होता है।

विपरीत करणी

  • इस आसन को करने से सर्दी व जुकाम से पीड़ित लोगो को राहत मिलती है।
  • साथ ही इसे करने से रक्त संचार भी अच्छा होता है।
  • इससे दर्द और थकान से मुक्ति मिलती है।
  • इसमें टांगों को ऊपर की तरफ उठाते हुए किये गए आसन से श्वसन तंत्र के रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण प्रभाव होता है।
  • इससे सिरदर्द व कमर दर्द में भी आराम मिलता है।

शवासन

  • यह आसन व्यक्ति को गहन ध्यान व आराम की स्थिति में ले जाकर शरीर में शक्ति व स्फूर्ति का संचरण करता है।
  • इसका नियमित अभ्यास करने से पूर्ण शरीर तनाव मुक्त हो जाता है।
  • इस आसन कि यह विशेषता है कि इसे सारे आसन करने के बाद किया जाना चाहिए।