Yoga Poses for Strong Bones: हड़िया मजबूत बनाने के लिए 5 प्रभावी आसन

योग हमारे शरीर को कई प्रकार से लाभ देता है। यह शरीर को रोगो से दूर तो रखता ही है साथ ही शरीर को मजबूत भी बनाता है।

हमें लगता है की जैसे जैसे उम्र होती जाती है हमारी हड्डिया भी कमजोर होती जाती है। परन्तु यह पूरी तरह सही नहीं है। हमारी हड्डियों का कमजोर होने का मुख्य कारण शारीरिक व्यायाम की कमी, अनियमित खान पान, कुछ दवाओं का लगातार सेवन, हड्डियों की आनुवांशिक बीमारी और अधिक धूम्रपान होता है।

योग किसी भी आयु में हड्डियों को मजबूत बनाएं रखने के लिए सबसे अच्छा उपाय है। योग के द्वारा शरीर के प्रत्येक अंगो की हड्डियों को मजबूत बनाया जा सकता है।

खासकर आप योग द्वारा अपने कूल्हे, कलाई और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बना सकते है| आइये जानते है Yoga Poses for Strong Bones, कुछ ऐसे योगासन जो हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते है।

Yoga Poses for Strong Bones: मजबूत हड्डियों के लिए योगासन

Yoga Poses for Strong Bones

सेतु बंधासन

  • इस आसन को करने से छाती,पीठ और गर्दन में खिचाव आता है।
  • इस आसन को करते समय यह आपकी पीठ की मासपेशियों पर दबाव डालती है जिससे रीढ़ की हड्डी मजबूत हो जाती है।
  • जो लोग बॉडी ब‍िल्डिंग करने वाले होते है उनके लिए आसन सबसे अच्छा होता है।

भुजंगासन

  • भुजंगासन या कोबरा पोज़ कलाई और रीढ़ को मजबूत करने में सहायता करता है।
  • इसके अतिरिक्त यह हाथ, कोहनी और कंधों को भी मजबूत बनाने में मददगार है|
  • भुजंगासन सूर्य नमस्कार करते समय किया जाता है जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं साथ ही लोअर-बैक सपोर्ट भी अच्छा हो जाता है।

अधोमुख शवासन

  • इस आसन को करने से पूरे शरीर को शक्ति मिलती है।
  • अधोमुख शवासन छाती की मांसपेसियो को मजबूती प्रदान करता है।
  • जिन लोगों को गठिया जैसे रोग प्रारंभिक अवस्था में हो उनको यह आसन अवश्य करना चाहिए।
  • इस आसन द्वारा शरीर के ऊपरी हिस्से में भी मजबूती आती है।

वृक्षासन

  • इस योग आसन में व्यक्ति पेड़ की भांति खड़ा होता है।
  • वृक्षासन शारीरिक अंगों में संतुलन और दृढ़ता के लिए बहुत ही लाभकारी होता है।
  • इस आसन को करने से रीढ़, कमर और पेल्विक हड्डी मजबूत बनती है।
  • साथ ही इसे करने के दौरान होने वाली स्ट्रैचिंग से दिमाग भी शांत होता है।

उत्‍कटासन

  • इस आसन द्वारा जांघो, एड़ी,पैर और घुटनो की मांसपेशियों को ताकत मिलती है।
  • इस आसन में व्यक्ति एक कुर्सी के सामान खड़ा होता है।
  • इस आसन को करने से शरीर की मांसपेशियां खिंचती है और उनकी सहनशक्ति में वृद्धि होती है।

इसके अतिरिक्त आप त्रिकोणासन योग, वीरभद्रासन 1, अर्धमत्स्येन्द्रासन, परिवृत्त त्रिकोणासन, उत्थित पार्श्वकोणासन, शलभासन और अर्धचक्रासन भी कर सकते है। इस तरह आप अपनी शरीर की हड्डियों को मजबूत करने से साथ साथ रोगो से भी बच सकते है। अतः योग को अपने दैनिक जीवन  में शामिल करे।

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