दिल के मरीज है तो योग के इन आसनों को करने की गलती ना करे

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दिल के मरीज है तो योग के इन आसनों को करने की गलती ना करे

यह तो सही है की योग से बीमारियों को दूर किया जा सकता है और शरीर को स्वथ्य बनाया जाता है। योग के द्वारा कई बड़ी बीमारियों से भी निजात मिलती है, परन्तु योग की भी कुछ सीमाएं होती है।

कुछ बीमारियां ऐसी होती है जिनमे योग नहीं करना चाहिए क्यूंकि इससे स्वाथ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है या फिर समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

वैसे तो योग सभी हृदय समस्याओं का समाधान करता है। ऐसे कई आसन है जो हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकते हैं। परतु योग सभी हृदय रोगों के लिए इलाज नहीं है।

कुछ आसन हृदय रोगों को कम करने की वजाय बढ़ा भी सकते है। इसलिए यह जानना बहुत ही आवश्यक होता है की ह्रदय रोग के समय कौन से आसन नहीं करने चाहिए। आइये जानते है Yoga Poses Heart Patients Should Avoid, अर्थात वह आसन जो की हृदय रोगियों को नहीं करना चाहिए।

Yoga Poses Heart Patients Should Avoid: इन आसनों को न करें हृदय रोगी

Yoga Poses Heart Patients Should Avoid

चक्रासन

  • इसे व्हील पोज़ भी कहते है। इस आसन में बहुत अधिक ताकत और उचित श्वास पैटर्न की आवश्यकता होती है।
  • यह आपके दिल पर दबाव डालता है ताकि रक्त के पंप को बढ़ाया जा सके।
  • इसलिए ह्रदय रोगियों को इस आसन से दूर ही रहना चाहिए।

कर्नापीड़ासन

  • इस आसन में जो स्थिति होती है वह हलासन के समान ही होती है है परन्तु इसमें ज्यादा प्रयास की आवश्यकता होती है।
  • इस आसन में आपको अपने पैरों को कान के साइड में घुटनों के साथ जमीन के पास ले जाना होता है।
  • इस आसन द्वारा दिल पर दबाव बनता है।
  • इसलिए दिल के रोगियों को यह आसन नहीं करना चाहिए।

विपरीत करनी

  • इस मुद्रा में आपको पीठ के बल लेटकर पैरों को उठाना होता है और हाथों के सहारे हिप्स उठाने होते हैं।
  • इस मुद्रा से ब्लड सर्कुलेशन के लिए शरीर के निचले हिस्से में दिल पर ज्यादा  दबाव पड़ता है।
  • इसलिए यह आसन भी ना करे ।

हलासन

  • इस मुद्रा में आपको पीठ के बल लेटकर अपने पैर उठाने  और फिर पैरों को  पैरों को पीठ  के सहारे उठाते हुए सिर के पीछे ले जाना होता है।
  • इससे हृदय को दबाव के साथ निचले शरीर में रक्त प्रसारित होता है क्योंकि यह गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ काम कर रहा है।

सर्वांगासन

  • सर्वांगासन में आपको कंधों के बल खड़ा होना पड़ता है। जिससे शरीर के ऊपरी हिस्से पर दबाव बनता है।
  • दिल को ब्लड सर्कुलेशन हेतु गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कार्य करना पड़ता है।
  • इसलिए यह आसन भी नहीं करना चाहिए।

शीर्षासन

  • इस आसन में सर के बल उल्टा होना होता है।
  • इस कारण ह्रदय पर दबाव बनता है। क्यूंकि शरीर के निचले हिस्से में रक्त पंप करने के लिए दिल पर अधिक दबाव बनता है।
  • अतः इस आसन को भी नहीं करना चाहिए।