सुन्दर और सपाट टमी कौन नहीं चाहता है पर आज कल की व्यस्त लाइफस्टाइल में हमारे पास इसे पाने के लिए समय हीं नहीं मिलता है। इसे पाने के लिए लोग घंटो जिम में पसीना बहाते हैं। अगर आपके पास बहुत सारा समय है तब तो आप इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं पर अगर समय की कमी है तो ये बहुत मुश्किल होता है।

बहरहाल योग में हमारे पास बहुत सारे ऐसे योगासन उपलब्ध हैं जिसके अभ्यास से हम ना केवल अपने पेट को कम कर सकते हैं बल्कि एक खूबसूरत और फ्लैट टमी भी प्राप्त कर सकते हैं।

योग के साथ सबसे अच्छी बात होती है की इसमें ज्यादा समय नहीं देना होता है और आप इसका अभ्यास अपने घर पर हीं कर सकते हैं। इसके लिए किसी भी बड़े उपकरण की जरुरत नहीं पड़ती है और ना हीं इसके लिए जिम जैसी जगहों पर जाने की जरुरत पड़ती है।

आज इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे योगासन जिसका अभ्यास कर के आप अपने पेट का आकार काम कर सकते हैं और साथ हीं अगर आप इन योगासन का अभ्यास नियमित तौर पर करेंगे तो आप एक फ्लैट टमी भी प्राप्त कर सकते हैं। पढ़ें Yoga Tips for Flat Stomach.

Yoga Tips for Flat Stomach: अपने टमी को बनाएं फ़्लैट और स्लिम

Yoga Tips for Flat Stomach in Hindi

अब हम जानेंगे उन योगासनों के बारे में जिसका अभ्यास नियमित तौर पर कर के आप पा सकेंगे फ्लैट और खूबसूरत टमी।

शशांकासन

  • शशांकासन को करने के पहले आप वज्रासन की अवस्था में बैठ जाएं और अपनी दोनों आंखें को बंद कर लें।
  • अब एक गहरी सांस को लेते हुए अपने दोनों हाथों को आसमान की तरफ ऊपर की तरफ उठाएं।
  • अब धीमे धीमे अपनी साँसों को छोड़ते हुए अपने आगे की तरफ झुकने की कोशिश करें साथ हीं अपने दोनों हाथों में खिचाव लाते हुए फर्श को टच करें।
  • यह योगासन भी आपको विश्राम की अवस्था देने के लिए एक बेहतर योगाभ्यास माना जाता है।
  • गैस्ट्राइटिस तथा पेप्टिक अल्सर जैसी बीमारियों से ग्रसित लोग और प्रेग्नेंट महिलाओं को इस योगासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • घुटने में दर्द होने पर, आर्थराइटिस की समस्या होने पर, पीठ दर्द रहने और हाई बीपी होने पर ध्यान रखें की वज्रासन में बैठने के बजाये किसी दूसरे सरल आसन में बैठने का चुनाव करें।
  • इस आसान के अभ्यास से टमी तो फ़्लैट होती हीं है साथ हीं इससे आपको स्फूर्ति और चुस्ती भी मिल जाती है।
  • यह आसान आपके पेट की मांसपेशियों को टोन कर देता है और पेट में मौजूद चर्बी को घटाने के लिए भी यह लाभकारी है।
  • इसके अभ्यास से शरीर में रक्तसंचार बेहतर और सुचारु तरीके से होता है और पेट व लिवर की वर्किंग कैपेसिटी भी बढ़ जाती है।

शलभासन

  • शलभासन के अभ्यास के लिए सबसे पहले अपने पेट के बल मैट पर लेट जाएं।
  • इसके बाद अपनी हथेलियों को अपने जांघों के नीचे रख लें।
  • अब अपनी ठोड़ी को फर्श से सटाकर रखें।
  • अब धीमे धीमे अपने दोनों पैरों को ऊपर उठाने की कोशिश करें।
  • इस दौरान अपने घुटनों को बिलकुल भी मुड़ने न दें।
  • अपने दोनों पैरों को अपनी शक्ति ने अनुसार जितना ऊपर ले जा सकते है ले जाएँ।
  • कुछ देर के लिए इस अवस्था में हीं रुकें।
  • अब धीमे धीमे अपनी पूर्व अवस्था में आ जाएं।
  • इस आसान के 30-30 सेकंड के करीब 3 से 5 राउंड्स करने की कोशिश करें।
  • इस दौरान अपनी आंखें बंद रखें और ध्यान रखें की आपकी पूरी एकाग्रता अपनी पीठ व पेट पर हो।
  • अगर आपकी पीठ तथा कमर में दर्द की समस्या हो, तो आप इस आसान को एक पैर से भी कर सकते हैं।
  • अगर आप हर्निया और अपेंडिक्स जैसी बीमारियों से ग्रसित है तो ये आसान ना करें।